pak

इन तीन कारणों की वजह से पकिस्तान उठा ले जायेगा इस बार का एशिया कप?

एशिया कप में पकिस्तान प्रबल दावेदार बन कर उभरा है। गेंदबाज़ी तो पाकिस्तान की शानदार थी ही अब बल्लेबाज़ी भी शानदार हो गयी है। पाकिस्तान ने हाल ही में भारत को हरा कर अपना पिछले मैच का बदला चुकता कर लिया है। पकिस्तान की गेंदबाज़ी का क्या ही कहना है, उन्होंने हांगकांग के खिलाफ जो गेंदबाज़ी की थी उसकी सभी ने तारीफें की हैं। पकिस्तान की बल्लेबाज़ी भी निखार कर आई है।

हिन्दुस्तान के खिलाफ पिछले मैच मे उन्होंने शानदार बल्लेबाज़ी की है। पकिस्तान एक खतरनाक टीम नज़र आ रही है। आज हम कुछ ऐसे ही बिंदुओं पर चर्चा करेंगे और जांनने की कोशिश करेंगे की कैसे पकिस्तान एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम कर सकता है।

पाकिस्तान का शानदार ऊपरी क्रम

पकिस्तान का ऊपरी क्रम शानदार है, बाबर भले ही एशिया कप के मैचों में कारगर न रहे हों लेकिन रिज़वान लगातार शानदार प्रदर्शन करते नज़र आ रहे हैं। रिज़वान ने अब तक तीन मैच खेलकर 192 रन बना चुके हैं एक बार वह क्रीज़ पर खड़े हो जाते हैं तो उन्हें आउट करना बेहद ही मुश्किल हो जाता है। रिज़वान ने भारत के खिलाफ भी शानदार पारियां खेली हैं। उनका स्ट्राइक रेट तो 128 का रहा है लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी बाकी के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढाती है।

रिज़वान ने भारत के खिलाफ राउंड टू मैच में 71 रन बनाये थे और राउंड वन में 43 रन बनाये थे। पकिस्तान के फखर ज़मान और इफ्तिखार अहमद भी तेज़ी से रन बनाने को देखते हैं। नवाज़ भी 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते दिखते हैं। कुल मिलकर देखा जाए तो पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी में दम है।

गेंदबाज़ी में भी खतरनाक है पाकिस्तानी टीम

पाकिस्तान क्रिकेट टीम जिस तरह से बल्लेबाज़ी में दम दिखाती है वैसे ही बल्लेबाज़ी में भी काफी दम-ख़म दिखा देती है। पाकिस्तानी टीम ने हांगकांग को 38 रनों में आल आउट कर दिया था। पाकिस्तान ने इस मैच को 155 रनों से जीत लिया था। पाकिस्तान की इस जीत के बाद से ही सवाल उठने लगे थे कि आखिर भारतीय टीम हांगकांग से इतने बड़े स्तर से क्यों नहीं जीत सकी? पकिस्तान के पास शाहीन शाह अफरीदी नहीं हैं इसके बावजूद इनकी गेंदबाज़ी यूनिट शानदार प्रदर्शन कर रही है। शादाब खान और मोहम्मद नवाज़ बेहद ही आक्रामक गेंदबाज़ी करते दिखते हैं।

खिलाड़ियों में दिख रहा है जूनून

पाकिस्तानी खिलाड़ियों को देखकर लगता है जैसे वे कुछ करना चाहते हैं, कुछ बड़ा करना चाहते हैं। वे साबित करना चाहते हैं कि उनकी टीम सर्वश्रेष्ठ है। खासकर भारत के खिलाफ वे बेहद ही आक्रामक रवैय्ये से खेलते हैं। पकिस्तान का ऊपरी क्रम बेहद ही मज़बूत है, मध्यक्रम में थोड़ी कमी दिख रही थी अब वह भी नवाज़ के चार नंबर पर खेलने से पूरी होती दिख रही है। साथ ही साथ बाबर आज़म की कप्तानी भी बेहतर रही है।