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एशिया कप से बाहर हुई भारतीय टीम रोहित-द्रविड़ समते ये चार खिलाड़ी भी गुनहगार?

भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप से बाहर हो चुकी है। श्रीलंका (IND vs SL) से हारते ही उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। कई लोग ये भी कह रहे हैं कि अभी भी एशिया कप फाइनल खेलने के चांस हैं। मगर हमें नहीं लगता ऐसा हो पायेगा। आप भारतीय टीम को बाहर ही समझें तो बेहतर होगा आपके लिए। झूठी उम्मीद रखेंगे और वह जब टूटेगी तो दर्द बहुत देगी। विशेषज्ञों का कहना है की भारतीय टीम तभी फाइनल में खेल सकती है यदि पाकिस्तान श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान से हार जाए और भारत अफ़ग़ानिस्तान को हरा दे। साथ ही साथ पकिस्तान का रन रेट भारत से कम रह जाए। ये नामुमकिन है।

जिस हिसाब से पकिस्तान आक्रामक रवैय्या अपनाकर खेल रही है हमें नहीं लगता कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान और श्रीलंका दोनो ही टीमों से हार जायेगी। आज हम इसी बात पर चर्चा करेंगे की आखिरकार भारत की निरंतर हार का गुनहगार या ज़िम्मेदार कौन है?

द्रविड़ और रोहित का खराब चुनाव

गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाज़ी में भी टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा है। भारतीय प्रमुख बल्लेबाज़ 17 ओवर तक नहीं टिक पा रहे हैं। क्या यह टीम विश्व कप खेलने लायक है? दिनेश कार्तिक को आखिरकार क्यों नहीं निरंतर खिलाया जा रहा है? रोहित शर्मा ने ये कहा है कि वह दिनेश कार्तिक को इस वजह से बाहर रख रहे हैं क्योंकि उन्हें लेफ्ट हैंड कॉम्बिनेशन चाहिए था।

जब दीपक हूडा से गेंदबाज़ी नहीं करानी थी तो उन्हें टीम में क्यों लिया है। वह टॉप तीन में खेलने वाले खिलाड़ी हैं न कि एक फिनिशर हैं। दिनेश कार्तिक मैच को फिनिश करने के लिए जाने जाते हैं इसके बावजूद भी उन्हें मौका नहीं मिला।

बल्लेबाज़ी में बेहद ही खराब रही है परफॉरमेंस

बल्लेबाज़ी में टीम इंडिया फिसड्डी साबित हुई है। हांगकांग जैसे टीम के खिलाफ रन बनाने वाले सूर्य बाकी के मैचों में असफल रहे हैं। केएल राहुल भी कारगर साबित नहीं हुए हैं। ऋषभ पंत को दिनेश कार्तिक की जगह मौक़ा दिया जा रहा था ऋषभ भी फेल रहे हैं, न ही उनकी बल्लेबाज़ी और न ही विकेटकीपिंग में दम दिखा है।

खराब गेंदबाज़ी बनी हार का मुख्य कारण

वो कहते हैं कि अच्छे गेंदबाज़ 150 रन भी डिफेंड कर सकते हैं वहीँ खराब गेंदबाज़ 200 भी नहीं कर सकते हैं। ठीक ऐसा ही हाल रहा है भारतीय टीम का। जब चेज़ करने का समय था तब भारतीय टीम ने काम चला लिया जैसे ही डिफेंड करने की बारी आयी तो गेंदबाज़ों की पोल-पट्टी खुल गयी। हार्दिक पंड्या और भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाज़ी निराशाजनक रही है। युजवेंद्र सिंह चहल भी कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाए हैं।