Shahnawaz Dahani

जानिए कभी गरीबी से जूझने वाले पाक के सितारे दहानी की क्रिकेट प्रेम की कहानी, कभी नंगे पाँव खेलते थे क्रिकेट

पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी शाहनवाज़ दहानी (Shahnawaz Dahani) की उम्र लगभग 22 साल है। शाहनवाज़ दहानी एक तेज़ गेंदबाज़ हैं। भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के मैच के बाद ये सुर्खियों में आये थे। दहानी इस मैच में ग्यारवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आये थे और छा गए थे। दहानी ने बल्लेबाज़ी करते हुए 6 गेंदों में 16 रन बनाये थे। इन्होने 266.67 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की और दो छक्के भी लगाए थे। इस मैच में उनकी बल्लेबाज़ी की कला को लेकर खूब तारीफ भी हुई थी। दहानी वैसे तो एक गेंदबाज़ हैं लेकिन भारत के खिलाफ खेले गए मैच में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिली। इस मैच में दहानी ने चार ओवर फेंककर 29 रन लुटाये थे। उनकी इकॉनमी 7.25 की रही थी।

शाहनवाज़ दहानी ने पाकिस्तान की तरफ से अभी बहुत कम ही मैच खेले हैं, ओडीआई में दो मैच खेलकर उन्होंने एक विकेट चटकाया है वहीँ टी 20 में तीन मैच खेलकर दो मैच चटकाए हैं। दहानी पाकिस्तान सुपर लीग में मुल्तान-सुल्तान टीम से खेलते हैं। पिछले साल उन्होंने इस टूर्नामेंट में 11 मैच खेलकर 20 विकेट चटकाए थे। उन्ही की दमदार गेंदबाज़ी के कारण उनकी टीम टाइटल जीतने में कामयाब हो पाई थी। उन्होंने 8.42 की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी की थी।

दिल को छू जाती है दहानी की कहानी

Shahnawaz Dahani

दहानी की कहानी बेहद ही दिलचस्प है, पिछले साल पीएसएल ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें दहानी की असली कहानी दिखाई गयी थी। वह बेहद ही गरीब घर से थे। चप्पल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, मगर क्रिकेट से बेहद ही प्यार था इसीलिए वह नंगे पांव ही क्रिकेट खेलते थे। दहानी दोस्तों के साथ क्रिकेट भी खेलते थे साथ ही साथ पिता के साथ बगीचे में फूल भी तोड़ने जाते थे।

उनके पिता कहते थे बेटा ऐसे काम कर जिससे अपने गाँव का नाम हो, हमारे गाँव से कभी कोई प्लेयर नहीं निकला है। दहानी किस्मत के साथ-साथ म्हणत भी करते थे, वह निरंतर प्रैक्टिस करते रहते थे और कहते थे शायद किस्मत अच्छी हो तो प्रैक्टिस तो पूरी होनी चाहिए न। जब उन्हें पीसीबी ट्रेनिंग सेंटर में जाते हैं तो वह जूते नहीं पहने होते हैं जिसके कारण उनका मज़ाक भी बनाया जाता है। उनके कोच कहते हैं जूते तो हम देदेंगे तुम अपना टैलेंट दिखाओ।

पीएसएल में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण वह पाकिस्तानी टीम में शामिल हो जाते हैं और आज पूरी दुनिया उन्हें जानती है। हर क्रिकेट प्रेमी उनकी तारीफ करता है। इस तरह उन्होंने अपने पिता समेत पूरे गाँव का नाम रोशन किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.