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एशिया कप की तैयारियों को लेकर निशाने पर आए केएल राहुल, क्या ऐसे होंगे तैयार?

एशिया कप नज़दीक ही रह गया है और विश्व कप भी अब चंद हफ़्तों बाद आने वाला है। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या भारतीय टीम की तैयारी सही चल रही है? भारत फिलहाल ज़िम्बाम्ब्वे (IND vs ZIM) के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रहा है। केएल राहुल (KL Rahul) को कप्तान बनाया गया था, पहले मैच के लिए उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी की। ज़िम्बाम्ब्वे की टीम 189 रनों में ही ढेर होगयी थी। भारत के पास 190 रनों का टारगेट था। सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन और शुभमन गिल ने मिलकर ही सारे रन बना दिए और टीम इंडिया आसानी से यह मैच जीत गयी थी।

यहां जीत हार की बात नहीं हो रही है, यहां बात होनी चाहिए आने वाले एशिया कप की। ज़िम्बाम्ब्वे के खिलाफ सीरीज को अगर राहुल खिलाड़ियों के लिए अभ्यास का मौका मानते तो वह टॉस जीतकर गेंदबाज़ी का फैसला न करके बल्लेबाज़ी का फैसला लेते। ऐसा हम क्यों कह रहे हैं? इससे दो फायदे हो सकते थे। ज्यादा बल्लेबाज़ों को या उन बल्लेबाज़ों को भी बैटिंग का मौका मिल सकता था जो एशिया कप में शामिल हैं और विश्व कप भी खेलेंगे। ये खिलाड़ी अंतरास्ट्रीय मंच में अभ्यास कर सकते थे। दूसरा फायदा यह होता की खुद केएल राहुल को अपने-आप को साबित करने का मौका मिलता। ज़ाहिर है की वह तीसरे नंबर आते।

केएल राहुल ने मौका जाने दिया

केएल राहुल काफी समय से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। अब जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने गँवा दिया। राहुल ने पहले गेंदबाज़ी का निर्णय लिया, उसके बाद सलामी बल्लेबाज़ न बनने का फैसला भी लिया। काफी समय से टीम इंडिया से दूर चल रहे केएल राहुल के पास एशिया कप से पहले तीन मैच थे जिसमें वह खुद को तैयार कर सकते थे, एक मौका गया, अब बचे दो और मौके।

भारत और ज़िम्बाम्ब्वे के बीच अब दूसरे मैच में अंदाजा लगाया जा रहा है की केएल राहुल ओपनिंग कर सकते हैं। जिम्बाम्वे के खिलाफ खेल रहे तीन खिलाड़ी, आवेश खान, केएल राहुल और दीपक हूडा ऐसे खिलाड़ी हैं जो एशिया कप की टीम का हिस्सा भी हैं। ऐसे में यदि टीम इंडिया पहले बल्लेबाज़ी करती तो भारतीय खिलाडियों को प्रैक्टिस करने का खूब मौका मिलता। खास कर के केएल राहुल को।

ज़िम्बाम्ब्वे के स्कोर को देखने के बाद राहुल को अपना फैसला बदल कर मैच ओपन करना चाहिए था। ज़िम्बाम्ब्वे की पिच में अतिरक्त उछाल मिल रहा था और हवाएं भी तेज़ चल रहीं थीं, ऐसे में यदि राहुल बल्लेबाज़ी करते तो तैयारी और भी मज़बूत होती। पकिस्तान के गेंदबाज़ शाहीन अफरीदी के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भारतीय टीम को ऐसी ही परिस्थिति में अभ्यास करना चाहिए।

टीम में जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल जैसे खिलाड़ी नहीं थे, ऐसे में आवेश खान को प्लेइंग एलेवेन में न लेना भी कई सवाल खड़े करता है। जो तीन खिलाड़ी एशिया कप में खेलने वाले हैं उन तीनों को ही पहले मैच में अपनी काबिलियत जांचने का मौका ही नहीं मिला है। अब देखते हैं आगे के मैचों में क्या सीन चलता है।