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जय शाह ने तिरंगा लेने से किया इंकार तो सोशल मीडिया पर मचा बवाल, जाने असली कहानी

Jay Shah Tiranga Controversy: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और BCCI के मौजूदा सेक्रेटरी जय शाह कंट्रोवर्सी के घेरे में आ फंसे हैं। दरअसल बात यह है एशिया कप में हो रहे भारत और पाकिस्तान के मैच में जब भारत जीत गया तब जय शाह ने भी प्रशन्नता दिखाई। वह अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और भारत की जीत में शामिल हुए, तभी एक शख्स ने उन्हें तिरंगा पकड़ाना चाहा मगर उन्होंने इसे लेने से इंकार कर दिया। ऐसा करना उनपर भारी पड़ता हुआ दिख रहा है। लोग उनपर तरह तरह की बाते कर रहे हैं। कुछ लोग विरोध में बोल रहे हैं तो कुछ उनका बचाव करते दिख रहे हैं। कुछ तो उन्हें संघी मानसिकता वाला घोषित किए दे रहे हैं।

भारत में किसी के प्रति बिना पूरी कहानी जाने राय बना लेने की परंपरा ज़माने से चली आ रही है। जय शाह भी इसी के शिकार बने हैं। जय शाह इस समय क्रिकेट से जुड़े कई कार्य भार संभाल रहे हैं। वह ICC में क्रिकेट कमेटी के मेंबर हैं, BCCI के सेक्रेटरी हैं, और एशिया क्रिकेट काउंसिल यानी ACC के प्रेसिडेंट भी हैं। इससे पहले वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में भी थे।

जैसा की आपको पता ही है की एशिया कप यूआई में हो रहा है और ACC प्रेजिडेंट होने के नाते जय शाह भी वहीँ पर मौजूद हैं। जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीता तब सभी तरफ भारतीय फैंस के अंदर जोश आ गया। जय शाह भी भारत को जीतता देख खुश नज़र आ रहे थे। वह हर चौके छक्के को सेलिब्रेट कर रहे थे और कैमरामैन भी उन्हें बार बार दिखा रहे थे। भारत के जीतने पर जब एक व्यक्ति ने उन्हें तिरंगा पकड़ाना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया। लोगों ने यह धारणा बना ली की जय शाह को तिरंगा लेने में क्यों दिक्कत है? क्या वे देशप्रेमी नहीं हैं?

तिरंगा न लेने की यह है वजह

जब व्यक्ति ने तिरंगा देना चाहा था तब जय शाह और उस व्यक्ति के बीच में थोड़ी सी बात भी हुई है। इस बात का अंदाजा लगाना बेहद ही कठिन है कि उन दोनों में क्या बात हुई होगी। लेकिन बात समझ में आ रही है कि जय शाह ने ऐसा जानबूझ कर नहीं किया है बल्कि उन्हें ऐसा करना पड़ा क्योंकि वह कुछ नियमों से बंधे हुए हैं। देश के कानून में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि आप यदि तिरंगा लेने से मना कर देते हैं तो आप देश प्रेमी नहीं हैं।

जैसा की आपको पता है जय शाह ACC के प्रेजिडेंट हैं, इसलिए उन्हें कुछ नियम कायदों का पालन भी करना होता है। जय शाह ने तिरंगा न लेकर बिलकुल ठीक ही किया है। ICC के नियमों के अनुसार जय शाह किसी एक देश को फेवर नहीं कर सकते हैं न ही किसी देश का झंडा उठा सकते हैं। हाँ, वह छक्के चौकों पर ताली बाज़ा सकते हैं और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन बढ़ा सकते हैं मगर वह यदि किसी एक टीम का झंडा उठाते हैं तो इसका सीधा मतलब यह होगा उन्होंने अपनी पार्टी चुन ली है और यह ICC के नियमों के विरुद्ध हो जायेगा।

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