india vs pakistan

भारत बनाम पाकिस्तान के बीच खेले गए इतिहास के 5 सबसे हाई वोल्टेज मैच

जब भी भारत बनाम पाकिस्तान मैच खेला जाता है तो दोनो ही देशों के लोग टेलीविजन के सामने चिपक कर बैठ जाते हैं। इस मैच के दौरान लोग सबसे जादा उत्साह से भरे हुए दिखते हैं। दोनो ही टीमों के बीच के इस कंपटीशन की बराबरी आज तक कोई भी खेल नही कर पाया है।

इस मैच के दौरान कभी तीखी तकरार दिखती है तो कभी प्यार दिखता है ओर रोमांच का तो क्या ही कहना खेल के आखिरी गेंद तक सबकी सांसे अटकी रहती हैं।

तो आइए इसी के साथ हम आपको आज बताते है आईसीसी इवेंट्स में इतिहास के वो 5 सबसे यादगार मैच जो भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए थे।

2011 का एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड कप सेमी फाइनल

2011 एक दिवसीय वर्ल्ड कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच एक हाई वोल्टेज सेमीफाइनल मैच मोहाली में खेला गया था जिसमे भारत ने पहले खेलते हुए 260 रनों का लक्ष्य दिया जिसमे सचिन की 85 रनों की बेहतरीन बल्लेबाजी शामिल थी। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग और सुरेश रैना ने भी अच्छा योगदान दिया था।

पाकिस्तान की शुरुवात तो बहुत अच्छी रही लेकिन जैसे जैसे ओवर गुजरते रहे पकिस्तान लगातार अपने विकेट खोते रहा। कोई भी खिलाड़ी एक अच्छी पार्टनरशिप नही खड़ा कर पाया जिसके चलते मिस्बाह उल हक को अकेले ही लड़ाई लड़नी पड़ी। मिस्बाह ने अच्छी पारी खेली लेकिन सिर्फ उनका ही अच्छा खेलना काफी नही था और पाकिस्तान वो मैच 29 रनों से हार गया और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।

2017 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल

2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल का माहौल एकदम सजा हुआ था और एक बार भारत ने टॉस जीतते हुए पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। फखर जमान के शानदार 100 रन के चलते उस मैच में पाकिस्तान ने भारत को 339 रनों का टारगेट दिया। इस मैच में भारतीय गेंदबाजी में बहुत सी खामियां दिखी जिसकी वजह से गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नही कर पाए।

जब भारत की बल्लेबाजी आई तो जितने भी बल्लेबाज फॉर्म में थे वे सब एक के बाद एक अपना विकेट गवाते गए। हार्दिक पंड्या ने कोशिश को लेकिन उतना काफी नही था जिसकी वजह से भारत 180 रन के बड़े अंतर से हार गई। भारत बनाम पाकिस्तान के इतिहास में ये भारत की सबसे शर्मनाम हार थी।

2012 टी20 वर्ल्ड कप

2012 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 128 रनों का स्कोर खड़ा किया। बालाजी, युवराज सिंह और अश्विन भारत की तरफ से मुख्य गेंदबाज रहे। हालांकि कोलंबो की वो पिच बल्लेबाजी के अनुकूल बिलकुल नहीं थी।

भारत को इस स्कोर को पार करने के लिए काफी मेहनत करनी थी और पारी की दूसरी ही बाल पर भारत ने गंभीर का विकेट खो दिया था हालांकि विराट कोहली और वीरेंद्र सहवाग के बीच की पार्टनरशिप की वजह से भारत लगभग टारगेट के करीब पहुंच गया था। ये मैच भारत ने 18 गेंद शेष रहते हुए जीत भी लिया।

2007 टी20 वर्ल्ड कप

2007 का सबसे पहला टी20 वर्ल्ड कप ही वो कारण है जिसकी वजह से टी20 फॉर्मेट इतना प्रसिद्ध होगया इसका सबसे बड़ा श्रेय भारत बनाम पाकिस्तान के बीच के मैच के को भी जाता है। डरबन में खेले गए इस मैच में रोबिन उथप्पा के अर्धशतक की वजह से भारत ने 20 ओवर में 142 रनों का स्कोर खड़ा किया।

पाकिस्तान ने इस स्कोर का पीछा करते हुए 42 रनों में अपने चार विकेट खो दिए थे लेकिन फिर मिस्बाह उल हक ने पाकिस्तान को संभाला ओर आखिरी ओवर में मैच टाई हो गया।

मैच का फैसला फिर विकेट में बाल डाल कर किया गया जिसमे भारत ने तीनो बाल स्टंप पर फेंकी और पाकिस्तान ऐसा करने में नाकाम रहा जिसके चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल

दोनो टीम एक बार फिर से एक दूसरे के सामने थीं और इस बार दांव पर फाइनल ट्रॉफी लगी थी जिसकी वजह से मैच का रोमांच और बढ़ गया था। इस बार गौतम गंभीर ने टॉप स्कोरिंग शानदार पारी खेली जिसमे उन्होंने 54 गेंदों में 75 रन बनाए। मिडल ऑर्डर में रोहित शर्मा का योगदान भी अच्छा रहा जिसके चलते भारतीय टीम ने 158 रनों का लक्ष्य खड़ा किया।

इस बार भी पाकिस्तान धराशाई हो चुका था और उन्होंने 77 रनों में 6 विकेट गवा दिए थे। पाकिस्तान के इस खराब प्रदर्शन के चलते भारत ने खिताब अपने नाम कर लिया और पूरे भारत में उत्सव का माहोल बन गया।