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सचिन तेंदुलकर की 3 शानदार पारियां जिसके बावजूद भी भारतीय टीम को चखना पड़ा हार का स्वाद

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट जगत में अपने शानदार खेल की वजह से बहुत नाम कमाया है। इंटरनेशनल टेस्ट ओर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी सचिन के नाम ही दर्ज है। हमे तो ऐसा लगता है की शायद ही इस बल्लेबाज का कोई हेटर होगा। सचिन एक ऐसे बल्लेबाज है जिनकी तुलना हम किसी भी अन्य खिलाड़ी से नही कर सकते है। बहुत से लोग तो ये भी मानते है की सचिन तेंदुलकर विश्व के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक है। सचिन ने अपने कैरियर के दौरान बहुत सी शानदार पारियां खेली और भारतीय टीम को जीतने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है।

आज हम सचिन तेंदुलकर की कुछ ऐसी ही पारियों के बारे में बात करेंगे जिसमे उन्होंने अपना बेस्ट दिया लेकिन फिर भी टीम इंडिया को हार का स्वाद चखना पड़ा:

1. 175 बनाम ऑस्ट्रेलिया

साल 2009 के दौरान ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत मैच में कंगारुओं ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में स्कोर बोर्ड पर 350 रनों का बड़ा लक्ष्य टांग दिया था। भारत का ये मैच हारना लगभग तय था ओर सभी फैंस निराश बैठे थे लेकिन फिर तभी सचिन की ग्राउंड पर एंट्री होती है और सभी फैंस के चेहरे खुशी से खिल उठते है, उस दिन सचिन भी मैदान पे कुछ और ही सोच कर आए थे और उस दिन उन्होंने अपने वन डे कैरियर की सबसे अच्छी पारियों में से एक पारी खेल डाली।

इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 141 गेंदों में 175 रनों की पारी खेली जिसमे 19 चौके और 4 छक्के शामिल थे और इस दौरान उन्होंने रैना के साथ 137 रनों की साझेदारी की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन मार्श ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे उन्होंने 112 गेंदों में 112 रन बनाए जिसमे 8 चौके और दो छक्के शामिल थे।

ये मैच भारतीय टीम बहुत ही कम अंको के अंतर से हारी थी। टारगेट का पीछा करते हुए भारतीय टीम मात्र 3 रनों से चूक गई और सचिन की ये शानदार पारी फीकी पड़ गई।

2. 136 बनाम पाकिस्तान

1999 के दौरान भारत ओर पाकिस्तान के बीच ये टेस्ट मैच खेला गया था जिसमे भारत ने पहली पारी खेलते हुए 16 रनों की बढ़त बना ली थी लेकिन शाहिद अफरीदी के धुआधार शतक के चलते पाकिस्तान ने भारत को चौथी पारी में 271 रनों का लक्ष्य दिया।

उस समय पर पाकिस्तान के पास सकलैन मुस्ताक, वकार यूनिस ओर वसीम अकरम जैसे खतरनाक गेंदबाज हुआ करते थे जो की भारतीय टीम को जीतने से रोक सकते थे। इस मैच में सचिन ने अकेले दम पर लड़ाई लड़ी और बेहद ही जुझारू पारी खेल भारतीय टीम को जीत के लिए आगे बढ़ाया।

सचिन ने इस मैच में 136 रनो की पारी खेली थी जिसमे 18 चौके सामिल थे। जब भारत जीत के एकदम करीब पहुंच गया था तब सकलैन मुस्ताक की गेंद पर सचिन आउट हो गए, उस समय भारत का स्कोर 7 विकेट खोकर 254 रन था। जीत से मात्र 12 रन दूर होने पर भी भारतीय टीम हार गई। सचिन के आउट होते ही बल्लेबाजी तांस के पत्तो की तरह बिखर गई थी।

3. 65 बनाम श्रीलंका

1996 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के दौरान श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट खोकर 251 का एक अच्छा स्कोर खड़ा किया था।

इस मैच में सचिन ने धुआधार शुरुवात की थी जिसके चलते सभी को विश्वास होगया था की ये मैच भारत जीत जायेगा। सचिन ने इस मैच में 88 गेंदों में 65 रनो की पारी खेली जिसमे 9 चौके सामिल थे हालांकि वो बाद में स्टंप आउट होगए।

जैसे ही सचिन आउट हुए वैसे ही भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई ओर एक एक करके सब बल्लेबाज अपना विकेट गवा बैठे जिसके चलते ये मैच भारत हार गया ओर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से बाहर होगया।

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