cricketers debuted in very early age

5 खिलाड़ी जिन्होंने बेहद ही कच्ची उम्र में पहनी टीम इंडिया की जर्सी

जो बच्चे क्रिकेट के दीवाने होते हैं और बचपन से ही निरंतर प्रैक्टिस करते हैं उनका एक ही सपना होता है की वे एक दिन टीम इंडिया के लिए मैच खेलें। भारतीय टीम में शामिल होना और टीम इंडिया की जर्सी पहनना एक गर्व की बात है लेकिन यदि कोई यह मुकाम बेहद ही कम उम्र में हासिल कर ले यह तो और भी गर्व की बात हो जाती है। आज हम इस लेख में ऐसे ही महान खिलाड़ियों पर चर्चा करेंगे जिन्होंने बेहद ही कम उम्र में टेस्ट मैच खेला है।

टेस्ट मैच क्रिकेट का सबसे लम्बा प्रारूप है और इसमें 18 साल से भी कम उम्र में खेलना और भारत का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में ही एक गर्व की बात है। चलिए अब उन 5 खिलाडियों पर चर्चा कर लेते हैं जिन्होंने 18 वर्ष से भी कम उम्र में भारत के लिए टेस्ट मैच (Test Match) खेला है।

मनिंदर सिंह

1983 विश्वकप के पहले लोगों के जुबां पर एक ही नाम था, वह नाम मनिंदर सिंह (Maninder Singh) का था। मनिंदर ने अपनी चमत्कारी गेंदबाज़ी से सब को हैरान कर के रख दिया था। यही वजह थी की उन्हें बहुत ही कम उम्र में टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलने का न्योता भेज दिया गया था। लेफ्ट एआरएम स्पिन फेंकने वाले मनिंदर ने उस वक्त घरेलु क्रिकेट में अपनी गेंदबाज़ी से लगभग सभी बल्लेबाज़ों के पसीने छुड़ा रखे थे।

उस दौरान उन्होंने सबसे कम उम्र में टेस्ट क्रिकेट खेलने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बनाया था। जब उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला तब उनकी उम्र मात्र 17 साल और 193 दिन ही थी। यह मैच पकिस्तान के खिलाफ खेला जा रहा था और इस मैच में मनिंदर को एक भी विकेट नहीं मिली थी। यह मैच पकिस्तान ने एक इनिंग और 86 रनों से जीत लिया था।

हालांकि इस खिलाड़ी का टेस्ट करियर बहुत ही छोटा रहा था। इन्होने 12 साल के अंतराल में मात्र 35 मैच ही खेले और मात्र 99 रन बनाये थे। इस दौरान इन्होने 88 विकेट भी झटके थे। इनकी सबसे बेस्ट इनिंग तब रही थी जब इन्होने 7 विकेट लेकर 27 रन दिए थे।

पार्थिव पटेल

यह वह दौर था जब भारतीय टीम के पास एक फुल टाइम विकेट कीपर नहीं था, उस समय मजबूरन राहुल द्रविड़ को ही विकेट कीपिंग करनी पड़ रही थी। हालांकि नयन माँगिआ के बाद भारतीय टीम ने विकेट कीपिंग के लिए समीर दिघे और अजय रत्रा को मौका दिया लेकिन ये लोग भी प्रभावशाली साबित न होपाये और इन्हें भी भारतीय टेस्ट टीम को अलविदा कहना पड़ा।

भारत उस समय टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड के दौरे पर गया हुआ था तभी दूसरे टेस्ट मैच के लिए मात्र 17 साल और 152 दिन की उम्र के गुजरात के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) को टीम में शामिल किया गया था।

पार्थिव पटेल भी कारगर साबित नहीं हुए और बाद में उनकी जगह महेंद्र सिंह धोनी ने ले ली थी।

लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन

लक्षमण ने तमिलनाडु की तरफ से खेलते हुए घरेलु मैचों में बेहद ही कमाल का काम किया था, अपने निरंतर अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने सभी को प्रभावित कर रखा था। 83 विश्वकप से ठीक एक माह पहले उन्हें भारतीय टीम की तरफ से टेस्ट मैच खेलने का न्योता मिला था। जब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था तब उनकी उम्र मात्र 17 साल और 118 दिन ही थी। लकमण मनिंदर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे कम उम्र के टेस्ट खिलाड़ी बन गए थे। इनका टेस्ट करियर भी बेहद ही छोटा रहा था, इन्होने अपने करियर में मात्र 9 मैच ही खेले और 26 विकेट झटके।

पियूष चावला

पियूष चावला (Piyush Chawla) ने मात्र 17 साल और 75 दिन की उम्र में ही टीम इंडिया के लिए मैच खेल लिया था, इन्होने यह मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2006 में खेला था।

चावला को अंडर 19 विश्वकप में शानदार प्रदर्शन के कारण भारतीय टीम में लिया गया था। आपको बता दें की चावला विराट कोहली से कुछ दिन ही छोटे हैं। वैसे तो चावला भारतीय टीम के साथ कई सालों तक बनाए रहे मगर इन्होने टेस्ट मैच सिर्फ कुछ ही खेले हैं।

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) वर्ष 1989 में भारतीय टेस्ट टीम में शामिल हुए थे। इन्होने अपने पहला टेस्ट मैच पकिस्तान के खिलाफ खेला था। सचिन ने मात्र 16 वर्ष और 205 दिन की उम्र में ही भारतीय टेस्ट टीम में शामिल होकर इतिहास रच दिया था। सचिन टेस्ट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने और उनका यह रिकॉर्ड आज भी कायम है और कोई भी इसे आज तक तोड़ नहीं पाया है।

ऊपर लिस्ट में दिए गए खिलाड़ियों का टेस्ट करियर भले ही खराब रहा हो या छोटा रहा हो मगर सचिन का करियर बेहद ही लम्बा और शानदार रहा है। मात्र 16 वर्ष की उम्र में भारत के लिए खेलने वाले सचिन ने आगे चलकर ऐसी धाक जमाई की उन्हें क्रिकेट का भगवान् कहा जाने लगा।

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